राजस्थान रोडवेज बस किराया बढ़ा-देखे किस रूट पर कितना किराया !

रोडवेज बस किराया बढ़ा: राजस्थान रोडवेज ने आम जनता को बड़ा झटका देते हुए बस किरायों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। जयपुर से दिल्ली वोल्वो बस का किराया अब 75 रुपये बढ़ गया है। पहले यह 750 रुपये था, जो अब बढ़कर 825 रुपये हो गया है। यह नया किराया मंगलवार देर रात से लागू कर दिया गया है।

परिवहन विभाग के अनुसार, रोडवेज बसों के किरायों में लगभग 9 साल बाद यह बढ़ोतरी की गई है। रोडवेज के प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि इस बदलाव की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। हालांकि किराया बढ़ने के बावजूद राजस्थान रोडवेज की बसें अन्य राज्यों जैसे हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश की बसों की तुलना में अब भी सस्ती हैं।

किस बस का कितना बढ़ा किराया?

बस श्रेणीपुराना किरायानया किराया
साधारण बस85 पैसे/किमी95 पैसे/किमी
मेल/एक्सप्रेस/सेमी डीलक्स1.00 रु./किमी1.10 रु./किमी
डीलक्स (नॉन-AC)1.15 रु./किमी1.25 रु./किमी
एसी डीलक्स1.60 रु./किमी1.80 रु./किमी
सुपर लग्जरी (AC)1.90 रु./किमी2.10 रु./किमी

जयपुर से दिल्ली सहित कई रूट पर असर

इस किराया वृद्धि का असर सिर्फ जयपुर से दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान में अलग-अलग रूट्स पर देखने को मिल रहा है। जयपुर से दिल्ली एसी डीलक्स का किराया 540 से बढ़कर 595 रुपये हो गया है। इसी तरह जयपुर से जोधपुर जाने पर अब 815 रुपये लगेंगे, जबकि पहले 740 रुपये लगते थे।

अगर आप जयपुर से शिमला या चंडीगढ़ जैसी लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हैं, तो अब पहले से ज्यादा पैसे देने होंगे। जयपुर से शिमला का किराया 2070 से बढ़कर 2275 रुपये और जयपुर से चंडीगढ़ का किराया 1404 से बढ़कर 1540 रुपये कर दिया गया है।

रूटपुराना किरायानया किरायावृद्धि
जयपुर – दिल्ली (वोल्वो)₹750₹825₹75 ↑
जयपुर – दिल्ली (AC डीलक्स)₹540₹595₹55 ↑
जयपुर – चंडीगढ़₹1404₹1540₹136 ↑
जयपुर – शिमला₹2070₹2275₹205 ↑
जयपुर – जोधपुर₹740₹815₹75 ↑
जयपुर – उदयपुर₹810₹890₹80 ↑
जयपुर – अहमदाबाद₹1382₹1570₹188 ↑
जयपुर – कोटा₹480₹530₹50 ↑
जयपुर – आगरा₹498₹548₹50 ↑
जयपुर – पिलानी₹465₹510₹45 ↑
जयपुर – हनुमानगढ़₹890₹980₹90 ↑
जयपुर – सांगरिया₹955₹1050₹95 ↑
जयपुर – बीकानेर₹655₹715₹60 ↑
जयपुर – अलीगढ़₹591₹650₹59 ↑

किराया बढ़ने के पीछे की वजह

किराया बढ़ाने की प्रमुख वजह डीजल की बढ़ती कीमतें, मेंटेनेंस खर्च और बस संचालन की लागत में बढ़ोतरी बताई जा रही है। अधिकारी मानते हैं कि अगर समय रहते किराया नहीं बढ़ाया जाता, तो रोडवेज को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता था।