राजस्थान सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े लाखों लोगों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राज्य सरकार ने वृद्धावस्था, विधवा, एकल नारी, दिव्यांगजन और लघु एवं सीमांत किसानों को मिलने वाली मासिक पेंशन राशि ₹1250 से बढ़ाकर ₹1300 कर दी है। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 91 लाख लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा।
राज्य सरकार ने यह निर्णय राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी अधिनियम, 2023 के तहत लिया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
1 जनवरी 2026 से लागू होगी बढ़ी हुई पेंशन
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि पेंशन की बढ़ी हुई राशि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इसका भुगतान फरवरी 2026 से शुरू होगा। यानी लाभार्थियों को फरवरी से उनके बैंक खाते में ₹1300 प्रति माह की दर से पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी।
इस फैसले से वृद्धजन, विधवा महिलाएं, दिव्यांगजन और छोटे किसानों को नियमित आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे उनके दैनिक जीवन में सहूलियत होगी।
सरकार पर हर साल पड़ेगा ₹550 करोड़ का अतिरिक्त भार
पेंशन राशि में बढ़ोतरी से राज्य सरकार पर हर साल लगभग ₹550 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। इसके बावजूद सरकार ने जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया है।
मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि सरकार अंत्योदय की भावना के साथ काम कर रही है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्य सरकार का मानना है कि पेंशन राशि बढ़ाने से लाखों जरूरतमंद लोगों को आर्थिक संबल मिलेगा। इससे वे अपनी दैनिक जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगे और उनका जीवन स्तर सुधरेगा।
