राजस्थान में जले हुए ट्रांसफार्मरों को समय पर बदलने के लिए डिस्कॉम ने नई व्यवस्था लागू की है। ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने विधानसभा में बताया कि अब हर सब-डिवीजन स्तर पर एक-एक लिफ्टर की तैनाती की गई है, ताकि खराब ट्रांसफार्मरों को जल्द बदला जा सके और बिजली आपूर्ति में लंबे समय तक रुकावट न आए।
उन्होंने कहा कि कई बार फसल खड़ी होने के कारण किसान ट्रांसफार्मर जल्द बदलवाने की मांग करते हैं। ऐसे मामलों में यदि लिफ्टर उपलब्ध न हो या तकनीकी कारणों से देरी हो, तो किसान स्वयं ट्रांसफार्मर का परिवहन करवा सकते हैं। इसके एवज में विभाग की ओर से ₹700 की राशि उपभोक्ता के बिजली बिल में समायोजित की जाएगी।
ऊर्जा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रांसफार्मर लाने-ले जाने और बदलने की जिम्मेदारी लिफ्टर संविदाकार की है। नई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि परिवहन मानदेय के भुगतान में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ विभागीय जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान के किसानों को मिलेगा ₹700 परिवहन मानदेय
- हर सब-डिवीजन में एक लिफ्टर की व्यवस्था
- ट्रांसफार्मर बदलने की जिम्मेदारी संविदाकार को सौंपी गई
- आपात स्थिति में किसान स्वयं परिवहन कर सकता है
- परिवहन पर ₹700 की राशि बिजली बिल में समायोजित होगी
- भुगतान में गड़बड़ी पर विभागीय जांच और कार्रवाई
इस पहल से किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जले ट्रांसफार्मर समय पर बदलने से सिंचाई और घरेलू बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी, जिससे फसल और दैनिक कार्य प्रभावित होने से बचेंगे।
