राजस्थान सहित पूरे देश के शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला सामने आया है। अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) केवल नई भर्ती के लिए ही नहीं, बल्कि पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए भी अनिवार्य होगी। शिक्षा मंत्रालय ने संसद में स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में TET पास नहीं करने वाले शिक्षकों को प्रमोशन और वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा। यह फैसला शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से लिया गया है।
2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर भी लागू होगा नया नियम
अब तक यह माना जा रहा था कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट मिल सकती है, लेकिन सरकार ने इस भ्रम को समाप्त कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी TET पास करना अनिवार्य होगा। बिना TET पास किए उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिलेगा और उच्च पदों पर नियुक्ति का रास्ता भी बंद रहेगा।
इस फैसले से राज्य के हजारों शिक्षकों पर सीधा असर पड़ेगा, खासकर उन शिक्षकों पर जो लंबे समय से सेवा में हैं लेकिन अभी तक TET पास नहीं कर पाए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू हुई व्यवस्था
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने 23 अगस्त 2010 को अधिसूचना जारी कर TET को न्यूनतम योग्यता घोषित किया था। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 के अपने फैसले में भी स्पष्ट किया कि TET शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य योग्यता है।
सरकार ने यह भी कहा है कि पुराने शिक्षकों को TET से पूरी छूट देने की कोई योजना फिलहाल नहीं है। कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही यह नियम लागू रहेगा।
2 साल के भीतर TET पास करना जरूरी
नई व्यवस्था के अनुसार जिन शिक्षकों की सेवा में 5 साल से अधिक समय बाकी है, उन्हें 1 सितंबर 2025 से दो साल के भीतर TET पास करना होगा। यदि वे इस समय सीमा में परीक्षा पास नहीं करते हैं, तो उनकी सेवा पर असर पड़ सकता है।
हालांकि जिन शिक्षकों की सेवा में 5 साल से कम समय बचा है, उन्हें बिना TET पास किए रिटायरमेंट तक सेवा करने की अनुमति दी गई है। लेकिन ऐसे शिक्षकों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा।
प्रमोशन और वेतन वृद्धि पर पड़ेगा सीधा असर
सरकार ने साफ किया है कि TET पास किए बिना किसी भी शिक्षक को प्रमोशन नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा वेतन वृद्धि और उच्च पदों पर नियुक्ति के अवसर भी प्रभावित होंगे। इसका मतलब है कि TET अब केवल भर्ती की परीक्षा नहीं बल्कि करियर में आगे बढ़ने के लिए भी जरूरी हो गई है।
शिक्षा गुणवत्ता सुधारने की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का मानना है कि इस फैसले से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और योग्य शिक्षकों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। हालांकि शिक्षक संगठनों ने पुराने शिक्षकों को छूट देने की मांग की है। उनका कहना है कि वरिष्ठ शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण या ओरिएंटेशन कार्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए।
फिलहाल सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि TET पास करना अनिवार्य रहेगा और सभी शिक्षकों को निर्धारित समय सीमा में इसे पास करना होगा।
